Friday, 30 August 2019




जानिए 2000rs के नोट का सच 





अक्सर सुनने में आता है कि वर्तमान सरकार द्वारा चलाए गए 2000 rs के नोट में एक ऐसी चिप डाली गई है जो नोट की लोकेशन को बताती है एवं ऐसा भी कहा जा रहा है की कुछ समय के पश्चात् यह नोट बंद हो जाएगा। आज हंम आपको इसकी सच्चाई बताने वाले है इसलिए इस पोस्ट को अंत तक ध्यान से पढ़े। हम सब जानते है की हमारे देश में कर्रेंसी भारत सरकार एवं रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (जिसकी स्थापना सन 1935 में हुई थी ) द्वारा जारी की जाती है। सिक्के (भारत सरकार ) एवं     नोट (रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया) द्वारा जारी किये जाते है। 8 नवंम्बर 2016  को रात 
8:00pm माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंदर मोदी जी द्वारा अचानक पुरानी मुद्रा को बंद कर दिया गया ,इसके बाद आनन फानन में सरकार द्वारा 2000 rs के नोट को नई करेंसी के रूप में लॉन्च किया गया। मार्केट में पैसे के लेन देन को बढ़ाने के उदेश्य से सरकार ने इस नोट की अत्यधिक मात्रा में सप्लाई की। साथ ही साथ यह भी खबर आने लगी की इस नोट में चिप डली हुई है जिससे नोट की लोकेशन का पता लगाया जा सकता है एवं नोट पर किसी भी प्रकार का निशान होने की स्थिति में नोट न चलने का प्रतिबंद लगा दिया गया। परन्तु सच्चाई ये थी की इस नोट में ऐसी कोई चिप नहीं थी जो लोकेशन को बताती हो ,लोगो के दिमाग को इस प्रकार से डाइवर्ट करने की कोशिश की गयी ताकि लोग इस नोट को  ज्यादा मात्रा में  काले धन के रूप में अपने पास इकठा न करे। परन्तु आज सूत्रो के हवाले से  सुनने को मिल रहा है की जो 2000 rs का नोट बैंक के पास चला जाता है उस नोट को बैंक अपने पास जमा के रूप में रख लेता है एवं दोबारा उस नोट को मार्किट में न देकर रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया 
के पास जमा करवा देता है ,इस प्रकार इसका मतलब यह हुआ की भविष्य में यह नोट बंद हो सकता है। 

2 comments:

  1. इतनी अच्छी जानकारी देने के लिए आपका बहुत - बहुत धन्यवाद। हमें ऐसी ही अन्य जानकारियां आगे भी देते रहें।

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